शिटाकी मशरूम

शिटाकी मशरूम उगाने की बिधि :

शिटाकी मशरूम को उगाने के दो तरीके हैं : – 

1 :  पहला है लट्ठा बिधि यह बिधि पारंपरिक व बहुचर्चित
बिधि है। इससे उत्तम प्रकार का शिटाकी मशरूम प्राप्त होता है।
यह कठोर लकड़ी के तने या लट्ठे में उगाया जाता है।

लकड़ी का तने को 1-1.3m की लम्बाई में काट लेना चाहिए। तदोपरान्त तने में छेद करना चाहिए, छेद शुरू से 5cm की दुरी से करना चाहिए। 


10 – 15 cm के अंतराल पर होने चाहिए, कॉलम की दुरी 
3-4cm हो, 1.2cm मोटा व 2.5cm गहरा होने चाहिए। 

अब इन छेदों में प्लग स्पान डालें और इसे मोम से सील बन्द कर दें।
स्पान डालते समय सावधानी बरतें और कीटाणु मुक्त
वातावरण में सभी कार्य करें।

स्पिनिंग किये गये सभी लठ्ठो को 1m की उंचाई पर ढेर बनाकर,
घास –  फूस से अच्छी तरह से ढक देने चहिये लगभग 1-2
माह के लिए।

माइसेलियम फैलने पर सभी लठ्ठो को उतार कर A के आकार में रखते हैं। A आकार में रखने से माइसेलियम की तेजी के साथ फैलता है और फलावार भी अच्छी तरह से आता है। 


A आकार में रखने के बाद लठ्ठो में नमी बनाये रखना होता है, नमी के लिए बीच – बीच में पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए। 
कुछ दिनों में फल आने लग जाते हैं।

2 : दुसरा बिधि में गेहूं के चोकर या धान की भूसी का प्रयोग किया जाता है।
शिटाकी मशरूम को ऐसा आधार चाहिए जिसमें सेल्यूलोज 
की मात्रा अधिक हो। 


पॉली बैग बिधि में गेहूं के चोकर या धान की भूसी में जिप्सम व कैल्शियम इत्यादि मिलाकर बनाते हैं।,
 अन्य बिधि :-

  • लकड़ी का बुरादे, 
  • 3 – 4 % धान की भूसी, 
  • 1 % गेहूं का चोकर, 
  • 1 % चाक पाउडर। 


        या 

  • 75 % लकड़ी का बुरादे, 
  • 25 % भुसा, 
  • 1 % चाक पाउडर। 



शिटाकी मशरूम की अच्छी पैदावार के लिए सभी अवयवों को जीवाणु मुक्त होना चाहिए, जीवाणु मुक्त करने के लिए 120c तापमान में तथा 1 (बार) के वायु दाब पर लगभग 2 घण्टे तक रखना चाहिए। 
घरेलु स्तर पर करने के लिए प्रेसर कुकर का प्रयोग करना उचित रहेगा। 

स्पान रन : – 

  • समय:   1 –  3 माह 
  • तापमान :  20 – 30 c डिग्री सेल्सियस 
  • प्रकास:  जरूरत नहीं 
  • ह्यमिडिटी :65 – 70 %


स्‍पान रन आपके द्वारा किये गये सामग्री, सामग्री के स्वछता और तापमान एवं ह्यमिडिटी पर निर्भर करता है। 



पोली बैग हटाना : – 
आक्सीजन की कमी न होने पाए इसके लिए 1/3 भाग में माइसेलियम फैलने के बाद पोली बैग हटा देने चाहिए और नमी बनाये रखने चाहिए, यदि जरूरत हो तो पानी का छिङकाव करते रहना चाहिए। 

पिन हेड्स : – 

  • समय : –  2 दिन 
  • तापमान : –  10 – 20 डिग्री सेल्सियस 
  • प्रकास : –  (500 – 1000 lux) 
  • ह्यमिडिटी : –  85 – 95%





फलघर : – 

  • समय  : – 7 –  14 दिन 
  • तापमान : – 12 – 18 डिग्री सेल्सियस 
  • प्रकास : – ( 500 – 1000 lux) 
  • ह्यमिडिटी : – 60 – 80 %

Published by Gaharwar

Mushroom and other farming activities.

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